LIVE UPDATE

स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से दुनिया में हाहाकार, फिर भी धड़ल्‍ले से गुजर रहे तेल के शैडो फ्लीट, क्‍यों नहीं रोक रहा ईरान?

तेहरान: इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने जो जवाबी कार्रवाईयां की हैं, उनमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करना शामिल है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे जलमार्ग के बंद होने से वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित है। भारत के जहाज भी इस रास्ते के बंद होने से समुद्र में खड़े हैं। हालांकि ईरान ने अमेरिकी हमले की कड़ी आलोचना करने वाले रूस-चीन जैसे कुछ देशों के जहाजों को छूट दी है। इसने क्षेत्र में शैडो फ्लीट (छद्म बेड़े) के लिए एक रास्ता खोल दिया है। चीन के झंडे वाले शैडो फ्लीट कथित तौर पर धड़ाधड़ यहां से गुजर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शैडो फ्लीट का चलन बढ़ा है। खासतौर से चीन के झंडे का इस्तेमाल कई जहाज कर रहे हैं। मालिकाना हक के बारे में अस्पष्टता, बीमा कवर की कमी, अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाज से जहाज पर सामान ट्रांसफर, गलत लोकेशन डेटा और कम निगरानी वाले देशों के झंडों के साथ शैडो फ्लीट काम करता है। आइए जानते हैं कि कैसे लोकेशन जाटा और नकली झंडे का इस्तेमाल किया जाता है।

ये खबर भी पढ़ें…
भारत के लिए संकटमोचक बना दोस्‍त रूस, तेल के बाद अब LNG देने का ऑफर, पुतिन ने खोजा नया कूटनीतिक रास्ता!
भारत के लिए संकटमोचक बना दोस्‍त रूस, तेल के बाद अब LNG देने का ऑफर, पुतिन ने खोजा नया कूटनीतिक रास्ता!
March 13, 2026
मॉस्को: रूस ने कहा है कि वो भारत तो LNG सप्लाई के लिए तैयार है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

समुद्र में जहाज की लोकेशन

समुद्री सफर में लोकेशन अहम है। इसे जहाज का क्रू (चालक दल) खुद जहाज के ट्रांसपोंडर यानी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम लोकेटर में डालता है। ये संकेत आमतौर पर जहाज की पहचान, गति, स्थिति और उसकी अगली मंजिल (बंदरगाह) के बारे में जानकारी देते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य समुद्री यात्रा की सुरक्षा, समुद्री यातायात की जानकारी और बंदरगाह की योजना बनाने में मदद करना होता है।

167 देशों का समुद्री सुरक्षा का अंतर्राष्ट्रीय समझौता जहाजों को ट्रांसपोंडर चालू रखना अनिवार्य करता है। हालांकि इस समझौते के बावजूद ऐसा कोई भौतिक तंत्र मौजूद नहीं है, जो क्रू को ट्रांसपोंडर बंद करने से रोक सके। अगर ट्रांसपोंडर बंद कर दिया जाता है तो जहाज नक्शे से पूरी तरह गायब हो जाता है और किसी भी वैश्विक समुद्री प्राधिकरण को इसकी कोई सूचना नहीं मिल पाती है।

ये खबर भी पढ़ें…
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बेबसी से मुंह ‘चिढ़ाते’ सुप्रीम लीडर तक… ईरान में ट्रंप की जीत के दावे को झुठलाते 7 कारण
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बेबसी से मुंह ‘चिढ़ाते’ सुप्रीम लीडर तक… ईरान में ट्रंप की जीत के दावे को झुठलाते 7 कारण
March 13, 2026
वॉशिंगटन: अमेरिका और इजरायल गठबंधन ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया था। इस हमले के बाद शुरू हुए...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जहाज की राष्ट्रीयता की पहचान

जहाज पर किस देश का अधिकार क्षेत्र (कानूनी नियंत्रण) पूरी तरह से कानून का मामला नहीं है। जिस देश का झंडा लगाकर जहाज समुद्र में चलता है। वह देश जहाज के संचालन या गतिविधियों के लिए सीधेतौर पर जिम्मेदार नहीं होता। जहाज का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) एक तरह का कमर्शियल लेन-देन है, जो कानून का पालन करने वाली कंपनियों के लिए एक व्यावसायिक निर्णय बन जाता है।

कई कंपनियां नियमों से बचने के तरीके निकाल लेती हैं। इसे ऐसे समझिए कि दुबई में किसी शेल कंपनी के मालिकाना हक वाला जहाज कैमरून, पलाऊ, लाइबेरिया या जमीन से घिरे मंगोलिया के झंडे के नीचे चल सकता है। अक्सर झंडा ऐसे देश का चुना जाता है, जिसके पास जहाजों की जांच के लिए संसाधन कम हों। जांच का खतरा हो तो जहाज किसी दूसरे झंडे के नीचे भी रजिस्टर हो सकता है।

ये खबर भी पढ़ें…
नोरा फतेही–संजय दत्त के गाने सरके चुनर’ पर देशभर में बवाल: अश्लीलता के आरोप, बैन की मांग तेज
नोरा फतेही–संजय दत्त के गाने सरके चुनर’ पर देशभर में बवाल: अश्लीलता के आरोप, बैन की मांग तेज
March 18, 2026
दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही और अभिनेता संजय दत्त का नया गाना ‘सरके चुनर, तेरी सरके’ रिलीज होते ही विवादों...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

जहाजों के लिए बीमा सिस्टम

समुद्री जहाजों के लिए बीमा एक बेहद अहम रोल अदा करता है। बीमा में जहाज के सुरक्षा मानकों को पूरा करना, दस्तावेज की जांच और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिबंधों का पालन जरूरी है। ऐसा ना होने पर वे आसानी से बड़े बंदरगाहों में दाखिल नहीं हो सकते हैं। इससे बचने के लिए अक्सर ‘अज्ञात’ बीमा कंपनियां चुनी जाती हैं।

इन तरीकों को मिलाकर देखें तो ये कानून से बचते हुए प्रतिबंधित तेल या माल ढुलाई का तरीका है। इसमें कोई कंपनी एक पुराना टैंकर खरीदकर उसे किसी शेल कंपनी के जरिए रजिस्टर कराएगी और पसंद के देश का झंडा इस्तेमाल करने के लिए पैसे देगी। इसके बाद कोई ऐसा बीमा खरीदना होगा, जिसके बारे में ज्यादा जानकारी ना हो।

चीन के नाम का क्यों हो रहा इस्तेमाल

ईरान के मामले में बात की जाए तो जब साल 2018 में उसके परमाणु कार्यक्रम पर दोबारा प्रतिबंध लगाए गए तो शैडो फ्लीट सिस्टम ने तेल ढुलाई का काम किया। वहीं 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद रूस पर प्रतिबंध लगे तो भी इस सिस्टम का विस्तार हुआ। ईरान के अमेरिका गठबंधन के साथ हालिया युद्ध ने फिर इसको चर्चा में ला दिया है।

ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य और फारसी खाड़ी के पास मौजूद कई व्यापारिक जहाजों ने खुद को चीन से जुड़ा घोषित कर दिया है। ऐसा किया गया है क्योंकि इससे ईरान के हमलों का निशाना बनने का जोखिम कम हो जाता है। एपी ने जहाजों को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म MarineTraffic के हवाले से बताया है कि ईरान के पास कम से कम आठ जहाजों ने चीन को अपना ‘मालिक’ घोषित कर दिया।

चीन से ईरान के संबंध

चीन का नाम इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि ईरान के बीजिंग के साथ अच्छे संबंध हैं। ऐसे में ईरान और उससे जुड़े समूहों ने चीन से जुड़े जहाजों को निशाना बनाने से परहेज किया हैं। चीन ने अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हालिया हमलों का काफी कड़े शब्दों में विरोध किया है। इसका फायदा उसे समुद्र में मिल रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *